Description
- चन्दन की जड़ी राहु ग्रह जनित सभी दोषों, पीड़ाओं एवं बुरे प्रभाव से बचाती है। ज्योतिष में राहु ग्रह क्रोध, नशा, धुआं, बुरी संगत, मांसाहार, चालाकी, क्रूरता, लालच, अपशब्द आदि का कारक होता है।
- राहु दोष को दूर करने में चन्दनमूल की जड़ी बेहद कारगर है। इसके अलावा यह जड़ी शारीरिक रोगों को दूर करती है, जैसे मूत्र संबंधी विकार, त्वचा रोग, गैस्ट्रिक, चिड़चिड़ापन, पेचिश और बुखार आदि।
- महिलाओं को गर्भाशय से जुड़े रोग, त्वचा की समस्या, गैस प्रॉब्लम, दस्त, और बुखार में सफ़ेद चंदन की जड़ का फ़ायदा होता है।
- बार-बार दुर्घटनाएं होने पर भी सफ़ेद चंदन की जड़ का इस्तेमाल करना चाहिए।
- चंद्रमा की स्थिति मज़बूत करने के लिए, कनिष्ठा उंगली से माथे पर सफ़ेद चंदन लगाना चाहिए।
- वैवाहिक जीवन में खुशियां लाने के लिए, किसी शुभ मुहूर्त में चंदन की जड़ को गंगाजल से शुद्ध करके फ़िटकरी के साथ कमर में बांधा जाता है।
- चंदन की जड़ से स्नान करने से शनि की अशुभता दूर होती है। ऐसा 40 दिनों तक करना चाहिए।
- सफ़ेद चंदन का टुकड़ा या जड़ को शनिवार या सोमवार को सफ़ेद या भूरे रंग के कपड़े में बांधकर पास रखना चाहिए।
- धारण विधि – शनिवार / बुधवार के दिन सफेद चंदन जड़ को सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम राहु मंत्र (“ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ी को सफ़ेद कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा में बाँध ले।

Sri Bapu Mashhoor Rashtriya Jantri Panchang
Vidhara ki jad (Budh Grah ke liye) 
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