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Sharpunkha ki Jad (shukra grah ke liye)

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Sharpunkha ki Jad (shukra grah ke liye)

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शुक्र के लिए सरपोंखे की जड़ धारण करनी चाहिए इसे पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में ले आएं एवं चांदी के लॉकेट या सफेद कपड़े में या चांदी की चेन में शुक्रवार को धारण करें जिससे आपकी शुक्र जनित समस्त दोष, पीड़ा एवं समस्याएं दूर होंगी।

Description

  • ज्योतिष के मुताबिक, शुक्र ग्रह को आकर्षण, ऐश्वर्य, सौभाग्य, धन, प्रेम, वैभव, सौंदर्य, कला, संगीत, कामवासना का कारक माना जाता हैं।
  • शुक्र ग्रह को तुला और वृषभ राशि का स्वामी माना जाता है। कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति के हिसाब से व्यक्ति का जीवन प्रभावित होता है। शुक्र ग्रह मज़बूत होने से व्यक्ति आकर्षक व्यक्तित्व का होता है और उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति कम उम्र में ही हो जाती है।
  • वहीं, शुक्र ग्रह कमज़ोर होने से व्यक्ति को शारीरिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • शुक्र के लिए सरपोंखे की जड़ धारण करनी चाहिए इसे पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में ले आएं एवं चांदी के लॉकेट या सफेद कपड़े में या चांदी की चेन में शुक्रवार को धारण करें जिससे आपकी शुक्र जनित समस्त दोष, पीड़ा एवं समस्याएं दूर होंगी।
  • अंग्रेज़ी में इसे पर्पल टेफ्रोसिया, वाईल्ड इण्डिगो या फिश पॉयजन ट्री के नाम से जाना जाता है। इसके अन्य स्थानीय नाम है – आहुहु, बज़्रदंती, शरपुंखा, प्लीहशत्रु, कण्ठपुंखिका, श्वेतपुंखा, कंठालु, कालिका, वाणपुंखा, सरफोंका, तथा बननील। शरपंखा का पौधा नील (Indigo) के पौधे से मिलता-जुलता है।
  • धारण विधि – शुक्रवार के दिन शरपुंखा जड़ को सुबह पंचामृत – (कच्चा दूध गाय का, दही, शुद्ध घी, मधु एवं चीनी) से धोने के उपरांत गंगा जल से इस जड़ी को पवित्र करें फिर गंध (चंदन/रोड़ी/कुमकुम), अक्षत (चावल), पुष्प, धूप, दीप एवं नवेद (प्रसाद) से पूजन करें एवम शुक्र मंत्र (“ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः”) मंत्र का 108 बार जाप कर जड़ी को सफ़ेद कपड़े में लपेटकर अपनी दाहिनी भुजा में बाँध लें।

Description

शरपुंखा जड़ (Sharpunkha Jad Root) एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ है, जिसका उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में और ज्योतिष में विशेष रूप से किया जाता है। यह जड़ कई तरह के शारीरिक और मानसिक लाभ प्रदान करने के साथ-साथ ग्रहों और दोषों के प्रभावों को भी नियंत्रित करती है। शरपुंखा जड़ के सामान्य और ज्योतिषीय लाभों के बारे में विस्तार से जानने से पहले, यह समझना आवश्यक है कि यह जड़ किस प्रकार की होती है और इसके प्रभाव क्या होते हैं।

शरपुंखा जड़ (Sharpunkha Jad) का परिचय:

शरपुंखा जड़ एक प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटी है, जो मुख्य रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाती है। इसे वैज्ञानिक नाम “Tephrosia villosa” के तहत जाना जाता है। इस जड़ का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में किया जाता है और इसे विशेष रूप से मनोबल को बढ़ाने, मनोदशा में सुधार करने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।


सामान्य (General) लाभ:

1. पाचन तंत्र को सुधारना (Improves Digestion)

शरपुंखा जड़ का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह पेट की समस्याओं जैसे कि गैस, कब्ज, और अपच को दूर करती है। यह जड़ पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करने में मदद करती है, जिससे पाचन क्रिया सामान्य रहती है और शरीर से विषाक्त पदार्थों का उन्मूलन होता है।

2. स्वास्थ्य में सुधार (Improves Health)

शरपुंखा जड़ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को वायरल और बैक्टीरियल संक्रमणों से बचाने में सहायक होते हैं। यह जड़ स्वास्थ्य के लिए रक्षक के रूप में कार्य करती है और शरीर की रक्षा तंत्र को सक्रिय करती है।

3. तनाव और चिंता कम करना (Reduces Stress and Anxiety)

यह जड़ मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति पाने में सहायक होती है। शरपुंखा जड़ के सेवन से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, जिससे व्यक्ति को मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। यह एक प्राकृतिक एंटी-डिप्रेसेंट के रूप में कार्य करती है।

4. त्वचा के लाभ (Benefits for Skin)

शरपुंखा जड़ का बाहरी उपयोग त्वचा पर होने वाली समस्याओं जैसे दाग-धब्बेमुंहासे, और सूजन को कम करने में सहायक है। यह जड़ एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती है, जो त्वचा पर होने वाली सूजन और लालिमा को कम करती है। इसका उपयोग त्वचा की देखभाल के लिए किया जा सकता है।

5. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना (Boosts Immune System)

इस जड़ का नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता को बढ़ाता है। यह शरीर को बाहरी बैक्टीरिया और वायरस से बचाने में मदद करती है और विभिन्न रोगों से बचने के लिए प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती है।

6. दर्द निवारण (Pain Relief)

शरपुंखा जड़ में एनाल्जेसिक गुण होते हैं, जो दर्द को कम करने में मदद करते हैं। यह जोड़ों का दर्दमांसपेशियों का दर्द, और सूजन जैसी समस्याओं में राहत देती है।

7. मांसपेशियों और हड्डियों के लिए लाभकारी (Beneficial for Muscles and Bones)

यह जड़ हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। यह गठिया और हड्डियों में दर्द जैसी समस्याओं में सहायक होती है। इसके सेवन से हड्डियों और जोड़ों की सेहत बनी रहती है।

8. मूड सुधारने के लिए (Improves Mood)

शरपुंखा जड़ मानसिक उत्तेजना को शांत करती है और मूड को बेहतर बनाती है। यह मनोबल को बढ़ाती है और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती है।


ज्योतिषीय (Astrological) लाभ:

1. राहु और केतु के दोष को दूर करना (Removes the Effects of Rahu and Ketu)

शरपुंखा जड़ का उपयोग ज्योतिष में विशेष रूप से राहु और केतु के कुप्रभावों को शांत करने के लिए किया जाता है। जब ये ग्रह व्यक्ति की कुंडली में अशुभ स्थान पर होते हैं, तो यह मानसिक उलझनें, भ्रम, और समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं। शरपुंखा जड़ इन ग्रहों के प्रभाव को कम करती है और जीवन को संतुलित बनाती है।

2. मंगल दोष को शांत करना (Pacifies Mangal Dosh)

मंगल ग्रह का कुप्रभाव शरीर और मानसिक स्थिति पर विपरीत असर डाल सकता है। शरपुंखा जड़ का सेवन मंगल ग्रह के कुप्रभावों को शांत करने में मदद करता है और व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने में सहायता करती है।

3. शनि के अशुभ प्रभावों से बचाव (Protection from Malefic Saturn Effects)

शनि ग्रह का कुप्रभाव व्यक्ति की जीवन में आर्थिक परेशानियों, मानसिक तनाव, और शारीरिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। शरपुंखा जड़ का सेवन शनि के प्रभावों से सुरक्षा प्रदान करता है और जीवन में संतुलन और खुशहाली लाता है।

4. व्यक्तित्व और आत्मविश्वास में सुधार (Improves Personality and Confidence)

शरपुंखा जड़ का उपयोग आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह जड़ व्यक्तित्व को निखारती है और व्यक्ति को अपनी क्षमताओं और आत्म-सम्मान पर विश्वास दिलाती है। यह मानसिक बल को बढ़ाती है, जिससे व्यक्ति आत्मनिर्भर और सफल बनता है।

5. सौभाग्य और समृद्धि बढ़ाना (Increases Luck and Prosperity)

शरपुंखा जड़ सौभाग्य और समृद्धि की ओर अग्रसर करने में मदद करती है। इसे घर में रखने से धन और सफलता में वृद्धि होती है। विशेष रूप से व्यापार और करियर में सफलता पाने के लिए इसे उपयुक्त माना जाता है।

6. व्यापार में सफलता लाना (Brings Success in Business)

व्यवसायियों और व्यापारियों के लिए यह जड़ बहुत लाभकारी मानी जाती है। इसका उपयोग व्यापार में उन्नति और वित्तीय सफलता को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। यह आर्थिक संकटों से बाहर निकलने और व्यवसाय में समृद्धि प्राप्त करने में सहायक हो सकती है।

7. नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करना (Destroys Negative Energy)

शरपुंखा जड़ नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक होती है। इसे घर या कार्यस्थल में रखने से नकारात्मकता का प्रभाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। यह व्यक्ति के जीवन में शांति और समृद्धि लाने में मदद करती है।

8. प्रेम और रिश्तों में सुधार (Improves Love and Relationships)

यह जड़ प्रेम और रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखने में भी सहायक होती है। यह रिश्तों में तनाव को कम करती है और दो लोगों के बीच समझ और सच्चे प्रेम को बढ़ाती है।


शरपुंखा जड़ का उपयोग कैसे करें (How to Use Sharpunkha Jad Root)

  1. काढ़ा (Decoction): शरपुंखा जड़ का काढ़ा बनाकर सेवन किया जा सकता है। इसके लिए जड़ को पानी में उबालें और उसे पिएं। यह पाचन में मदद करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
  2. पाउडर (Powder): जड़ को सुखाकर उसका पाउडर बनाया जा सकता है। इसे शहद या पानी के साथ लिया जा सकता है। यह मानसिक शांति, हृदय की समस्याओं, और त्वचा की समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।
  3. तेल (Oil): शरपुंखा जड़ का तेल भी तैयार किया जा सकता है, जिसे त्वचा पर लगाया जा सकता है या इसे शरीर के विभिन्न हिस्सों पर मसाज के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
  4. ताबीज या अमुलट (Talisman or Amulet): इस जड़ का ताबीज बना कर पहनने से इसके ज्योतिषीय लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं, खासकर ग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत करने के लिए।
  5. वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra): इसे घर के पूजा स्थल या कार्यस्थल में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में संतुलन और समृद्धि आती है।

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