Description
सूर्य ग्रह की जड़ पहनने से कई लाभ हो सकते हैं, जैसे कि आत्मविश्वास में वृद्धि, सूर्य के बुरे प्रभाव कम होना, और स्वास्थ्य में सुधार. यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिनकी कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर है.
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आत्मविश्वास में वृद्धि:
सूर्य की जड़ पहनने से आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्तित्व में निखार आता है.
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मान-सम्मान में वृद्धि:
यह पहनने वाले के मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि करता है.
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स्वास्थ्य लाभ:
अपच, चक्कर आना, हार्ट और रीढ़ से संबंधित रोगों में आराम मिलता है.
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त्वचा, लिवर, पाइल्स और कब्ज की समस्याओं में सुधार:
सूर्य की जड़ पहनने से इन समस्याओं में भी सुधार हो सकता है.
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सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह:
इसे पहनने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.
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सूर्य के बुरे प्रभाव में कमी:
यह सूर्य के बुरे प्रभावों को कम करता है और शुभ प्रभावों में वृद्धि करता है.
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सफलता और तरक्की:
नौकरी पेशा और राजनीति के लोग इस जड़ को धारण करके करियर में सफलता प्राप्त कर सकते हैं.
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बेल की जड़:सूर्य के लिए बेल की जड़ को लाल या गुलाबी कपड़े में बांधकर दाहिनी भुजा में बांधना चाहिए.
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सूर्य मंत्र:बेल की जड़ धारण करते समय “ऊँ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए.
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रविवार:रविवार के दिन बेल की जड़ धारण करना शुभ माना जाता है.
बेल की जड़ धारण करने के लाभ
रत्न शास्त्र अनुसार बेल की जड़ सूर्य के रत्न माणिक्य के समान शुभ फल प्रदान करती है। बेल की जड़ धारण करने से आपके आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। इस जड़ को धारण करने से ह्रदय रोग, आंख के रोग, पित्त विकार से भी मुक्ति मिल सकती है। वहीं नौकरी पेशा और राजनीति के लोग इस जड़ को धारण कर सकते हैं। उन्हें करियर में अच्छी सफलता मिल सकती है।
ये लोग धारण कर सकते हैं बेल की जड़
वैदिक ज्योतिष के मुताबिक मेष, सिंह और धनु लग्न के जातक बेल की जड़ धारण कर सकते हैं। साथ ही धन स्थान, दशम भाव, नवम भाव, पंचम भाव, एकादश भाव में सूर्य उच्च के विराजमान हैं तो भी बेल की जड़ धारण कर सकते हैं। साथ ही अगर सूर्य देव नवमांश में उच्च के विराजमान हो तो भी बेल की जड़ पहन सकते हैं।

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